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चरित्र बचाने का स्वांग न करें सरयू राय, गरीबों के हितैषी हैं, तो सरकार ने राशन के लिए आधार क्यों अनिवार्य किया : आप

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  • कैबिनेट की बैठक में उज्ज्वला योजना की आड़ में लिया गया फैसला

Ranchi : जन वितरण प्रणाली अंतगर्त राशन लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करना सरकार का गलत फैसला है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी पूर्व में अपना निर्णय सुनाया था कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता, अगर उसके पास आधार कार्ड न हो तो. ऐसे में कैबिनेट में यह फैसला लेना गलत है. उक्त बातें आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने कहीं. उन्होंने कहा कि पांच फरवरी की कैबिनेट की बैठक में सरकार ने उज्ज्वला योजना की आड़ में राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया, जो गरीबों के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि राज्य में पहले ही पिछले दो सालों में 19 लोगों की मौत भूख से हो गयी है. इसके बावजूद सरकार ऐसा कर रही है, जिससे इनकी गरीब विरोधी नीति प्रदर्शित हो रही है.

स्वांग न रचें सरयू राय

राजन कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री अपने चरित्र को बचाने के लिए स्वांग रचते हैं. एक तरफ तो गरीब विरोधी निर्णय उनकी ही कैबिनेट में लिये जा रहे हैं, लेकिन मंत्री इस पर चुप हैं. जबकि, इन्हें ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिए, अगर वह गरीबों के हितैषी हैं, तो. लेकिन, मंत्री ऐसा कर नहीं रहे, सिर्फ इसलिए कि आधार कार्ड अनिवार्यता के कारण लोगों को राशन नहीं मिल पायेगा और इधर मंत्री और अधिकारी उस राशन या फंड की चोरी कर सकेंगे.

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68.8 लाख परिवारों का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं

राजन सिंह ने कहा कि खुद झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य की 2.62 करोड़ जनता राशन कार्ड से जुड़ी है. इसमें से 68.8 लाख लोगों का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं है. ऐसे में सरकार का राशन के लिए आधार लिंक अनिवार्य करना इन गरीबों के साथ खिलवाड़. इसके पहले भी बायोमीट्रिक प्रणाली के नाम पर खिलवाड़ किया गया है. प्रेस वार्ता में आबिद अली, कुणाल मिश्रा, अजय मेहता और राजेश कुमार उपस्थित थे.

पार्टी की मांगें

आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें ये हैं- सरकार कैबिनेट में लिये राशन के लिए आधार अनिवार्यता के फैसले को वापस ले, पीडीएस को सार्वभौमिक किया जाये और छूटे हुए परिवारों का नाम जोड़ा जाये, दिल्ली की तरह डोर टू डोर राशन दिया जाये और भूख से हुई मौतों की जिम्मेदारी सरयू राय लें और इस्तीफा दें.

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