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सहकारी बैंक में 50 लाख का गबन, बैंक के सीईओ और तत्कालीन सीनियर मैनेजर पर जीएम ने दर्ज करायी प्राथमिकी

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  • आईएएस अधिकारी विजय कुमार सिंह और बैंक के डिप्टी रजिस्ट्रार जयदेव सिंह के खिलाफ भी दर्ज हो सकती है एफआईआर, विभागीय सचिव से मांगी गयी है अनुमति
  • झारखंड राज्य सहकारी बैंक में बैंक भवन के साज सज्जा, नवीकरण सहित अन्य कार्यों के नाम पर 50 लाख रुपये के गबन का है आरोप
  • कोतवाली थाना में दर्ज हुआ है मामला

Ranchi : झारखंड राज्य सहकारी बैंक में 50 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है. इस मामले में बैंक के ही सीईओ और तत्कालीन सीनियर मैनेजर के खिलाफ रांची के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. यह प्राथमिकी झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के महाप्रबंधक सह प्रभारी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने दर्ज करायी है. प्राथमिकी में बताया गया है कि झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अंतर्गत शहीद चौक, रांची स्थित बैंक के भवन के साज-सज्जा, मरम्मत, नवीकरण और नेटवर्किंग कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है. इस गबन के मामले में बृजेश्वर नाथ, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ), झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, रांची और राजेश कुमार तिवारी, तत्कालीन वरीय प्रबंधक के खिलाफ कोतवाली थाना में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

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सहकारी बैंक में 50 लाख का गबन, बैंक के सीईओ और तत्कालीन सीनियर मैनेजर पर जीएम ने दर्ज करायी प्राथमिकी

कृषि सचिव ने दिया था उच्चस्तरीय जांच का निर्देश, जांच में प्रमाणित हुआ गबन

झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, रांची के महाप्रबंधक सुशील कुमार द्वारा कोतवाली थाना में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के अनुसार झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, शहीद चौक, रांची स्थित भवन की साज-सज्जा, मरम्मत, नवीकरण और नेटवर्किंग इत्यादि कार्यों में हुई वित्तीय अनियमितताओं एवं गबन की उच्चस्तरीय जांच का निर्देश दिया गया है. उच्चस्तरीय जांच का यह निर्देश सचिव, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार ने अपने पत्रांक 179/स.को. दिनांक 5 अगस्त 2018 के जरिये निबंधक, सहयोग समितियां, झारखंड, रांची को दिया. कृषि, पशु पालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव पूजा सिंघल के उक्त पत्र के आलोक में सहकारिता निबंधक श्रवण साय के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गयी. गठित टीम द्वारा सात अगस्त 2018 से 10 अगस्त 2018 तक संबंधित मामले की जांच की गयी. जांच के बाद इस मामले में बृजेश्वर नाथ, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ), झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, रांची और राजेश कुमार तिवारी, तत्कालीन वरीय प्रबंधक को दोषी पाया गया, जिनके खिलाफ शुक्रवार को कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इनके अलावा विजय कुमार सिंह, प्रशासक सह निबंधक, रांची और जयदेव प्रसाद सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड को दोषी चिह्नित किया गया और शहीद चौक स्थित सहकारिता बैंक भवन के साज-सज्जा, मरम्मत, नवीकरण और नेटवर्किंग आदि कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता एवं गबन का मामला प्रमाणित पाया गया. प्रशासक सह निबंधक विजय कुमार सिंह और झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के डिप्टी रजिस्ट्रार जयदेव प्रसाद सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए विभागीय सचिव से अनुमति मांगी गयी है. अनुमति मिलने के बाद इन दोनों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

49 लाख 77 हजार रुपये की जगह 99 लाख 96 हजार रुपये का किया गया भुगतान

कोतवाली थाना में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के अनुसार जिस ठेकेदार से मरम्मत और नवीनीकरण का काम करवाया गया, उसे 49 लाख 77 हजार रुपये की जगह 99 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान किया गया. इस तरह से 50.19 लाख रुपये का गबन किया गया है.

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तत्कालीन महाप्रबंधक जयदेव सिंह ने इन कामों के लिए नहीं निकाला टेंडर

प्राथमिकी के अनुसार तत्कालीन सहकारिता निबंधक श्रवण साय की अध्यक्षता में गठित जांच दल की रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि साजिश के तहत बैंक के भवन के नवीनीकरण और नेटवर्किंग के नाम पर पहले 73 लाख 29 हजार रुपये के तीन प्राक्कलन तैयार किये गये. उसके बाद 51 लाख 28 हजार रुपये के तीन प्राक्कलन भी बनाये गये. रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन महाप्रबंधक जयदेव सिंह ने इन कामों के लिए टेंडर भी नहीं निकाला. सहकारिता निबंधक विजय कुमार सिंह की ओर से दी गयी रिपोर्ट में भी जयदेव सिंह को ही दोषी बताया गया है.

मामले की जांच शुरू कर दी गयी है

इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने बताया कि शहीद चौक में सहकारिता बैंक का जो मुख्यालय बना है, उसके भवन निर्माण में आरोप लगाया गया है कि इसमें घोटाला हुआ है. विभाग के वरीय पदाधिकारी के आदेश पर केस किया गया है. इस घोटाले में दो लोगों पर आरोप लगाया गया है. इस केस में कई और वरीय पदाधिकारी हैं. 50 लाख से ज्यादा का गबन हुआ है. शुक्रवार को केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.

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