न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

शीला का बयान, आतंक के खिलाफ मनमोहन उतने सख्‍त नहीं थे,  जितने मोदी हैं, फिर पेश की सफाई

शीला दीक्षित ने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित होने के साथ ही राजनीतिक लाभ उठाने के लिए होते हैं

83

NewDelhi :  आतंक के खिलाफ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का रुख पीएम नरेंद्र मोदी जितना कड़ा नहीं था.   दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा लोकसभा चुनाव से पहले दिये गये इस बयान से कांग्रेस परेशान हो गयी है.  बता दें कि दिल्ली कांग्रेस प्रमुख शीला दीक्षित ने गुरुवार को स्वीकार किया कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रतिक्रिया, पुलवामा आतंकी हमले  के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की तरह मजबूत और दृढ़ नहीं थी. हालांकि इसी क्रम में शीला दीक्षित ने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित होने के साथ ही राजनीतिक लाभ उठाने के लिए होते हैं. इस बयान के सामने आने के बाद शीला दीक्षित ने सफाई पेश करते हुए कहा, अगर मेरे बयान को किसी दूसरी तरह पेश किया जा रहा है तो मैं कुछ नहीं कह सकती.  शीला दीक्षित ने न्यूज-18 से बातचीत के दौरान कहा,  देखिए,  मैं इस बात से सहमत हूं कि मनमोहन सिंह उतने सख्‍त नहीं थे,  जितने मोदी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वह ये सब राजनीति से प्रेरित होकर कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः महतो फोल्डर में होने की वजह से बढ़ी रामटहल चौधरी की मुश्किल, रांची से प्रबल दावेदारों में अर्जुन मुंडा भी शामिल

  इंटरव्यू में दिये गये बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं

Trade Friends

शीला दीक्षित ने यह बात भारतीय वायुसेना द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के बालाकोट स्थित शिविरों पर की गयी एयर स्‍ट्राइक के सवाल पर कही. बता दें कि दिल्ली की तीन बार की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से जब इस बारे में पूछा गया था कि बालाकोट हवाई हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर लोगों का क्या मूड है. क्या इसके बाद लोग इसलिए भी नरेंद्र मोदी के की तरफ देखेंगे, क्योंकि वह एक मजबूत नेता हैं. अपने बयान पर मचे हंगामे के बाद प्रतिक्रिया देते हुए शीला दीक्षित ने कहा, मैंने देखा मीडिया में कुछ मेरे एक इंटरव्यू में दिये गये बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं.  कुछ लोगों को लग सकता है कि मोदी आतंक के खिलाफ ज्यादा मजबूत हैं लेकिन यह चुनावी स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं है.

इसे भी पढ़ेंःआतंकी अजहर मामले पर कांग्रेस का तंजः विफल विदेश नीति फिर उजागर, काम नहीं आयी हगप्लोमेसी

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like