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विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी क्यों न बने चुनावी मुद्दा: नीलांबर-पितांबर 161 और रांची विवि में 599 पद खाली

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राहुल गुरु
झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 विधानसभा में चुनाव होने हैं. ये 16 विधानसभा छह जिलों में आते हैं, जो चतरा, गुमला, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा व लातेहार है.

इन छह जिलों में उच्च शिक्षा की स्थिति की बात करें तो स्थिति काफी दयनीय है. इन छह जिलों में तीन विश्वविद्यालयों के अधीन 60 से अधिक कंसिच्वेंट और एफिलिएटेड कॉलेज आते हैं.

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इन कॉलेजों में 30 हजार से अधिक छात्र एडमिशन लिये हुए हैं. पर इन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी है. इनकी पढ़ाई ठेके पर नियुक्त शिक्षकों के भरोसे करायी जा रही है.

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सरकार ने वेकेंसी निकाली, पर आज तक नहीं हुई नियुक्ति

राज्य में साल 2008 के बाद असिस्टेंट प्रोफसर की नियुक्ति नहीं हुई है. बीते पांच साल की बहुमत वाली सरकार ने नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू तो की पर नियुक्ति नहीं करा पायी.

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डबल इंजन वाली सरकार ने जेपीएससी के माध्यम से अप्रैल 2016 में अस्सिटेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर के कुल 556 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. राज्य के पांच विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों को नियुक्त करना था.

चार साल सरकार ने लोगों को प्रोफेसर बनने के सपने दिखाये. लेकिन इसकी नियुक्ति हुई ही नहीं. अस्सिटेंट प्रोफेसर की परीक्षा के लिए भी सबसे पहले अप्रैल 2016 में विज्ञापन निकाला गया. उसे 2018 में स्थगित किया गया. फिर 2018 में दोबारा आवेदन मांगे गये. तीसरी बार 15 जनवरी को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जेपीएससी ने परीक्षा को फिर से स्थगित कर दिया गया.

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इसके बाद से आज सरकार के कार्यकाल के पांच साल बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय शिक्षकों की कमी जूझ रहा है. जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है.

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नीलांबर-पीतांबर विवि: पीजी विभाग व कॉलेज में 161 पद खाली

वर्ष 2009 में रांची विवि से अलग कर नीलांबर-पीतांबर विवि का गठन किया गया. विवि के पीजी विभागों व कॉलेजों को मिला कर कुल 161 पद रिक्त हैं. वहीं, विवि के गठन के समय ही 19 पीजी विभागों में शिक्षकों के लिए सृजित 132 पद (22 प्रोफेसर, 44 एसोसिएट प्रोफेसर व 66 असिस्टेंट प्रोफेसर) अब तक खाली हैं.

इन पदों पर नियुक्ति ही नहीं की गयी है. पीजी विभागों में लगभग तीन हजार छात्र हैं. इनकी पढ़ाई का जिम्मा सिर्फ 18 कॉन्ट्रैक्ट पर प्रतिनियुक्त शिक्षकों पर ही है.

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आरयू: 1108 सृजित पद में 599 पद खाली

रांची विश्वविद्यालय (आरयू) में ही शिक्षकों के 1108 पद सृजित हैं. इनमें 509 स्थायी शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि सेवानिवृत्ति के कारण 599 पद खाली हैं. इनके अलावा विवि में थर्ड ग्रेड के 764 में से 436 और फोर्थ ग्रेड के 731 में से 393 पद भी खाली हैं.

रांची विवि में ही 31 मार्च 2020 तक 48 शिक्षक सेवानिवृत्त हो जायेंगे. इनमें 28 एसोसिएट प्रोफेसर, 12 असिस्टेंट प्रोफेसर व सात विवि प्रोफेसर शामिल हैं. शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर विवि में लगभग 483 कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है.

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