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पहले भी शुरू हुआ था #ShramShakti अभियान, लेकिन सॉफ्टवेयर प्रॉब्लम के कारण हो गया था असफल

22 हजार निंबधन किया गया था, लेकिन सभी किये गये रद्द, जानकारियां थीं गलत, अधिकारियों ने भी माना असफल रहा था अभियान.

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Chhaya

Ranchi : कामगारों के निबंधन और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिये राज्य सरकार 25 सिंतबर से श्रम शक्ति अभियान चलाने वाली है. इसके पहले 2015 में भी राज्य में यह योजना चलायी गयी थी.

उस समय योजना का नाम ‘श्रम शक्ति पहचान अभियान’ था, जिसका मुख्य फोकस असंगठित क्षेत्र के मजदूर और घरेलू कामगार थे.

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श्रम विभाग की मानें तो यह योजना पूरी तरह असफल रही क्योंकि विभाग के अधिकारियों ने जिस सॉफ्टवेयर के तहत यह काम शुरू किया था उसमें सॉफ्टवेयर में काफी त्रुटियां थीं.

योजना पूर्णतः केंद्र सरकार की थी जिसके तहत राज्य के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को स्मार्ट कार्ड देकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना था. एक मई 2015 को भी सूबे के मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से पांच मजदूरों को स्मार्ट कार्ड देकर राज्य में अभियान की शुरूआत की थी.

25 सिंतबर से राज्य में जो श्रम शक्ति अभियान चलने वाला है उसके तहत भी मजदूरों का निबंधन कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है.

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22 हजार मजदूरों का हुआ था निंबधन, पर जानकारियां गलत थी

श्रम विभाग के अधिकारियों की मानें तो साल 2015 में इस योजना की लॉन्चिंग के बाद लगभग 22 हजार असंगठित मजदूरों का निबंधन किया गया. लेकिन ये 22 हजार निबंधन रद्द कर दिये गये क्योंकि सभी निंबधित कार्ड में पता से लेकर काफी जानकारियों में त्रुटि थी.

श्रम विभाग परिसर में इसके लिये दो दिनों तक कैंप भी लगाया गया. वहीं प्रज्ञा केंद्रों में भी मजदूरों का निबंधन किया गया लेकिन तकनीकी खराबी के कारण योजना असफल रही.

योजना के असफल होने के बाद श्रम विभाग की ओर से स्मार्ट कार्ड की जगह पहचान पत्र निर्गत किया जाने लगा. लेकिन इससे मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता.

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मजूदरों को निंबधन से ये लाभ मिलते

असंगठित कर्मकारों का निबंधन कर स्मार्ट कार्ड निर्गत करने से उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अंत्योष्टि सहायता राषि 15,000 से 25,000, कर्मकारों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना में 250 से 8000 रुपये तक (यह राशि कक्षा एक से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले तक के बच्चों को दी जानी थी), कौशल प्रशिक्षण,  चिकित्सा सहायता आदि का लाभ मिलता.

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योजना असफल हुई, अभी पहले से हो रही तैयारी

इस संदर्भ में संयुक्त श्रमायुक्त अजीत कुमार पन्ना ने कहा कि तब यह योजना केंद्र सरकार की थी. लेकिन 22 हजार निंबधन में काफी गलतियां पायी गयीं. पायलट प्रोजेक्ट में ही योजना सफल नहीं हो पायी.

इस बार 25 सिंतबर से 2 अक्टूबर तक अभियान चलाया जायेगा. इसके लिये तैयारी पहले से की जा रही है. पहले जिन मजदूरों का पहचान पत्र निगर्त किया गया है उन्हें अभियान के तहत निबंधन कराने की जरूरत नहीं है. उन्हें बस योजनाओं से जोड़ दिया जायेगा.

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समय कम नहीं है क्योंकि काफी पहले से तैयारी की जा रही है. जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक में काम हो रहा है.

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