न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#HockeyPlayers की मौत का मामला : चरित्र-हनन करने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की मांग

44

Ranchi/Simdega : सिमडेगा में दो हॉकी खिलाड़ियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले की जांच में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया.

11 अगस्त को हॉकी खिलाड़ी श्रद्धा शालिनी सोरेंग और सुनंदिनी बागे के शव सिमडेगा की बिरखु मुंडा पंचायत अरानी गांव में पेड़ से लटके हुए मिले थे.

JMM

विरोध-प्रदर्शन में आये बिरखु मुंडा पंचायत के मुखिया ने कहा कि पुलिस ने शवों को पेड़ से नीचे उतारने से पहले किसी भी गवाह की प्रतीक्षा नहीं की. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने मौत के बाद फील्ड जांच नहीं की. उस गांव के लोगों से भी बात नहीं की.

श्रद्धा और सुनंदिनी के गांव के कई अन्य लोगों ने कहा कि पुलिस पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को धमकी दे रही थी और आत्महत्या का झूठा मामला बनाने की कोशिश कर रही थी.

इसे भी पढ़ें : #BJP के सहयोगी #BMS के ‘पारस’ रहे पारसनाथ ओझा को मुश्किल घड़ी में संगठन ने भगवान भरोसे छोड़ा

परिजनों ने पुलिस को बार-बार जांच करने को कहा

प्रदर्शन में शामिल श्रद्धा शालिनी सोरेंग के पिता राजेश सोरेंग ने कहा कि जांच शुरू करने से पहले ही पुलिस ने आत्महत्या का मामला बता दिया.

परिजनों ने कई बार मृत खिलाड़ियों के कोच से पूछताछ करने की बात की. लेकिन पुलिस ने हर बार दोनों खिलाड़ियों के बीच समलैंगिक संबध होने की बात कही और खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल खड़ा किया.

वहीं सुनंदिनी बागे की मां ने बताया कि उनकी बेटी की मौत नहीं हुई बल्कि हत्या की गयी जिसमें हॉकी कोच भी शामिल है.

सुनंदिनी की मां ने बताया कि समाजसेवियों के साथ वे कोच के घर गयी थीं जहां आस-पास के लोगों ने बताया कि कोच लड़कियों के यौन शोषण में शामिल थी.

प्रदर्शन में आये ग्रामीणो ने भी श्रद्धा और सुनंदिनी के मामले में पुलिस पर लापरवाही आरोप लगाये.

मौके पर जेम्स हेरेंज, पल्लवी, विवेक समेत अन्य लोग उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़ें : क्या है पत्थलगड़ी का गुजरात-राजस्थान के संगठन से कनेक्शन, समर्थक अभिवादन में ‘जोहार’ की जगह कहते हैं ‘पितु की जय’

एक लड़की के गवाह के आधार पर पुलिस ने की जांच

एनएफआइडब्ल्यू की तारामणी साहू ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी घटना की फैक्ट फाइंडिंग की है. इस दौरान उन्होंने उस पुष्पा लोहरा नामक लड़की से भी बात की जिससे पुलिस ने पुछताछ की थी.

इसी गवाह के आधार पर पुलिस ने दोनों लड़कियों के बीच समलैंगिक संबध बताया. जबकि घटना के पहले अरानी गांव के आस-पास चश्मदीदों ने देखा था कि लड़कियों का पीछा बाइक और कार से किया गया.

जांच टीम के सदस्यों में से कोच मेरी पूर्ति ने बात करने से मना कर दिया.

क्या है मामला

11 अगस्त 2019 को दो लड़कियों के शव पेड़ से लटके मिले. इनकी पहचान हॉकी खिलाड़ियों के रूप में हुई. श्रद्धा शालिनी सोरेंग (14 वर्ष) सिमडेगा के भुकुमुंडा की रहने वाली और सुनंदिनी बागे (23 वर्ष) राउरकेला की रहने वाली थीं.

दोनों राउरकेला में मैरी पुर्ति नामक महिला के घर में रह कर हॉकी प्रशिक्षण लेती थीं. श्रद्धा शालिनी छुट्टियों के दौरान प्रशिक्षण लेने जाया करती थी.

घटना के एक दिन पहले सुनंदिनी के घर कोच मैरी पुर्ति की बेटी सोनम पुर्ति पहुंची और सुनंदिनी का सारा सामान उसकी मां को देकर पूछा कि क्या सुनंदिनी घर पहुंची.

सुनंदिनी की मां के इनकार पर, सोनम ने कहा कि आपकी बेटी कुछ बड़ा करने वाली है. 10 अगस्त को सोनम लगातार श्रद्धा के घर कई बार फोन कर श्रद्धा की वापसी के बारे में पूछा. अगले ही दिन दोनों खिलाड़ियों के शव बरामद हुए.

ग्रामीणों की मांग

  • एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन कर नये सिरे से मौत, हत्या की संभावना और कोच के खिलाफ आरोपों की जांच की जाये.
  • पीड़ितों का चरित्र हनन बंद किया जाये.
  • जांच में चूक, आत्महत्या का झूठा मुकदमा बनाने और पीड़ितों के चरित्र हनन के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये.

इसे भी पढ़ें : #Notebandi के अगले दिन मौखिक आदेश से बंद करवा दिये थे राज्य की सीमाओं पर बने सभी चेक पोस्ट, वजह नहीं बता पा रही सरकार

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like