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दुमका : SKMU वाटर प्रूफ मूल प्रमाण पत्र के नाम पर ले रहा एक हजार रुपये, पर पेपर क्वालिटी वही पुरानी

छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वसूली के लिए यह तरीका निकाला है

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Ranchi : सिदो-कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी, दुमका वाटरप्रूफ मूल प्रमाण पत्र के नाम पर छात्रों से एक हजार रुपये वसूल रहा है. हालांकि जारी किया जा रहा मूल प्रमाण पत्र वैसा ही है जैसा एक साल पहले जारी किया जाता था.

छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वसूली के लिए यह तरीका निकाला है. जिस तरह के पेपर की कीमत मात्र 10 रुपये से 50 रुपये तक है, उसके लिए हजार रुपये वसूलने का तर्क किसी के गले नहीं उतर रहा है.

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खुले बाजार में वाटर प्रूफ पेपर और उसकी प्रिंटिंग 40 से 50 रुपये तक में हो जाती है. यूनिवर्सिटी के पास अपने कार्टिलाज भी होते हैं जिससे प्रिटिंग आसानी से हो जाती है.

बता दें कि रांची यूनिवर्सिटी में मूल प्रमाण पत्र का शुल्क 600 रूपये है.

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साल दर दर बढ़ाया गया शुल्क 

मूल प्रमाण को वाटरप्रूफ बनाने के नाम पर यूनिवर्सिटी की ओर से साल दर साल शुल्क में बढ़ोतरी की गयी.

शुरू में सामान्य मूल प्रमाण पत्र के लिए तीन सौ रुपये लिये जाते थे. मूल प्रमाण पत्र को वाटरप्रूफ करने के नाम पर शुल्क को बढ़ाकर पांच सौ रुपये कर दिया गया. उसके बाद उसे बढ़ाकर 750 रुपये किया. अब पिछले एक साल से एक हजार रुपये लिये जा रहे हैं.

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यूनिवर्सिटी के 22 डिपार्टमेंट्स को छोड़ दिया जाये तो इससे संबद्ध बीस काॅलेज हैं जिनके लिये यूनिवर्सिटी की ओर से मूल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. यूनिवर्सिटी से संबद्ध काॅलेज पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा में भी हैं.

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‘पेपर क्वालिटी चेंज नहीं की गयी’

छात्रों से बात करने से जानकारी हुई कि यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया था कि मूल प्रमाण पत्र वाटरप्रूफ दिया जायेगा, लेकिन पैसे तो ले लिये जा रहे हैं पर एक साल पूर्व जिस पेपर में मूल प्रमाण पत्र प्रिंट होते थे वही पेपर क्वालिटी अब भी है.

छात्रों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार वीसी से बात की लेकिन न शुल्क कम किया गया न ही पेपर क्वालिटी बदली गयी.

इस संबध में न्यूज विंग ने  प्रो वीसी हनुमान प्रसाद शर्मा से बात की तो उन्होंने छुट्टियों में होने का हवाला देते हुए वीसी से बात करने को कहा. वीसी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन उनका नंबर पहुंच से बाहर बताता रहा.

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