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तीन साल में 23 गुना रिटर्न देने का दावा कर लोगों से पैसे इन्वेस्ट करा रहा झारखंड सरकार से MoU करने वाला SkyWay Group

इनकी कार्यशैली और अव्यवहारिक दावों से शक पैदा हो रहा है कि यह लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने की साजिश तो नहीं.

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Pankaj Kumar Saw

Ranchi : SkyWay Group नामक एक विदेशी व्यापारिक समूह झारखंड समेत देश के कई राज्यों में आम लोगों से पैसे इन्वेस्ट करा रहा है. ग्रुप के एजेंट्स (प्रोमोटर्स) दावा कर रहे हैं कि इस समूह में लगाया गया पैसा तीन साल में कम-से-कम 23 गुना हो जायेगा.

इनकी कार्यशैली और अव्यवहारिक दावों से शक पैदा हो रहा है कि यह लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने की साजिश तो नहीं. शक इसलिए भी लाजिमी है कि ये प्रोमोटर्स किसी को इस निवेश के जोखिम के बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं, जबकि SkyWay ने खुद अपनी वेबसाइट पर शर्तों का पूरा विवरण दे रखा है.

इस समूह ने फरवरी 2017 में आयोजित मोमेंटम झारखंड के दौरान झारखंड सरकार से एमओयू किया था. गूगल पर सर्च करने पर अंग्रेजी दैनिक the pioneer की एक खबर मिलती है जिसके मुताबिक झारखंड सरकार ने कई विदेशी कंपनियों से एमओयू किया है जिसमें एक कंपनी का नाम SkyWay है.

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रांची के होटल में इटालियन नागरिक ने दी ट्रेनिंग

रांची के एक बड़े होटल में बीते रविवार (21 जुलाई) को राज्य भर से करीब चार सौ लोग एक इटालियन शख्स को सुनने के लिए इकट्ठा हुए. सेमिनार में आकर्षक व्यक्तित्व वाले विदेशी नागरिक ने दुभाषिये की मदद से आंकड़ों का ऐसा जादू चलाया कि सभी लोग लाखों डॉलर के सपनों में डूबने-उतराने लगे.

सेमिनार से निकलकर अपने-अपने क्षेत्र में पहुंचे लोग अब खुद को SkyWay Group के प्रोमोटर के तौर पर पेश कर रहे हैं और आम लोगों के बीच ऐसे ही आंकड़े पेश कर रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. वे ग्रुप के फाइनेंसियल प्रॉडक्ट को Pre IPO (Pre Initial Public Offer) बताते हैं और कहते हैं कि आइपीओ लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाला है.

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स्ट्रिंग रेलवे प्रोजेक्ट के लिए जमा कर रहे रुपये

कथित प्रोमोटर्स दावा करते हैं कि उनका कंपनी समूह स्ट्रिंग रेलवे के क्षेत्र में काम करता है और भारत की केंद्र सरकार व कई राज्य सरकारों के साथ-साथ विश्व के कई देशों से लगातार स्ट्रिंग रेलवे नेटवर्क को विकसित करने के लिए बात-चीत चल रही है, जिसके लिए बड़ी राशि की जरूरत पड़ेगी.

वे कहते हैं कि भविष्य में इस काम से कंपनी को बंपर मुनाफा होगा जिसे अभी प्री-आइपीओ लेने वालों के बीच वितरित किया जायेगा और इससे लोग बहुत कम समय में करोड़पति बन जायेंगे.

एक प्रमोटर ने इस संवाददाता से कहा, “आप अभी अगर 8000 रुपये लगाते हैं तो 2022 से 2025 के बीच यह राशि 1,87,000 रुपये (लगभग 23 गुनी) हो जायेगी. आप चाहें तो इसे दोबारा इन्वेट कर दें या निकाल लें, यह आपके ऊपर होगा.”

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‘किसी नियामक से अनुमति की जरूरत नहीं’

पूरे मामले का दिलचस्प पहलू यह है कि इन प्रोमोटरों से जब यह पूछा जाता है कि क्या उक्त विदेशी समूह द्वारा भारत में इस तरह  क्राउडफंडिंग किये जाने की जानकारी किसी भी नियामक संस्था [SEBI (Securities and Exchange Board of India) या RBI (Reserve Bank of India) या राज्य सरकार] को है, तो वे सीधा जवाब देते हैं कि लंदन से संचालित होने के कारण इस अनुमति की जरूरत ही नहीं है.

जबकि, वित्तीय मामलों के जानकार बताते हैं कि भारत की नियामक संस्थाओं को जानकारी दिये बिना कोई भी विदेशी कंपनी या व्यापारिक समूह देश के लोगों से निवेश नहीं करा सकता.

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