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राज्य सरकार सिर्फ केंद्र की योजनाओं का श्रेय ले रही, धरातल पर कोई बदलाव नहीं

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राज्य सरकार सिर्फ केंद्र की योजनाओं का श्रेय ले रही, धरातल पर कोई बदलाव नहीं

Raj Alok Sinha

Daltonganj

झारखंड अलग राज्य निर्माण के 19 साल बाद भी   इस प्रदेश का आम अवाम खुद को ठगा महसूस कर रहा है.पिछली बार यानि 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार इस प्रदेश में भाजपा की अगुवाई में बहुमत की सरकार का गठन हुआ था. मगर इसके बावजूद यह सरकार बीते लगभग पांच वर्षों में विकास की बुनियादी सुविधाओं को मयस्सर नहीं करा सकी. जबकि इसके पूर्व भाजपा के तमाम छोटे-बडे नेता यह कहते नहीं थकते थे कि बहुमत की सरकार का न होना राज्य के विकास में बडा रोड़ा है.

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इसी बात को ध्यान में रखते हुए लोगों ने राज्य में भाजपा गठबंधन की सरकार बनवाई. मगर ऐसा लग रहा है कि यह सरकार खुद यह बात मान चुकी है कि विकास का जो काम होना चाहिए था, वह नहीं हो सका. मीडिया में जो खबरें छनकर आ रही हैं. उसके मुताबिक, मुख्य सत्ताधारी दल भाजपा के कम से कम 20 विधायकों के टिकट कटने के पूरे आसार हैं.

ऐसे में एक और सवाल का उठना लाजिमी है कि क्या राजनीतिक दल झारखंड की जनता को इतना बेवकूफ समझते हैं कि यदि उनके इलाके में सरकार ने विकास करने में कोताही की है. ऐसी स्थिति में वे उम्मीदवार बदलने से उस दल के झांसे में आने की फिर से गलती करेंगे. आम अवाम का कहना है कि रघुवर दास की सरकार ने राज्य का सिर्फ कागजी विकास किया है.

धरातल पर कोई विकास कार्य नहीं दिखता. सड़कों का हाल बेहाल है, बिजली-पानी की भी कमोबेश पहले जैसी ही स्थिति है. राज्य सरकार सिर्फ केंद्र की योजनाओं का श्रेय लेना चाहती है और उसी के आधार पर विधानसभा चुनाव जीतने का दंभ भर रही है.

दूसरी तरफ विपक्षी दल महागठबंधन को लेकर पशोपेश में हैं. एक तरफ वे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में भाजपा के बढते प्रभाव से भयाक्रांत हैं, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन होने से कई क्षत्रपों के टिकट कटने के आसार हैं, जिसके कारण विभिन्न दलों में भगदड़ (दल-बदल) की पूरी संभावना है. इसको लेकर भी अंदरखाने चर्चा जारी है.

नतीजा चाहे जो कुछ भी हो, आने वाले समय में भी झारखंड के विकास पर राजनीति के भारी रहने की ही पूरी संभावना है. ऐसी स्थिति में चाहे राज्य में बहुमत की सरकार बने अथवा जोड़-तोड़ की सरकार, झारखंड के लोग आगे भी राजनीतिक दलों के मोहरा ही बनते रहेंगे. ऐसे में इस प्रदेश का भला ईश्वर ही कर सकते हैं.

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