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विधानसभा में 2239.82 करोड़ का अनुपूरक बजट पास

विपक्ष ने कहा जितनी राशि अब तक सरेंडर की उतने में एक वित्तीय वर्ष का बजट हो जाता

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Ranchi: दो साल के बाद लगातार दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली. बजट सत्र के तीसरे दिन आज सरकार ने अनुपूरक बजट पास किया. अनुपूरक बजट पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष के सुखदेव भगत और प्रदीप यादव ने इसपर कटौती प्रस्ताव भी लाया. हालांकि कटौती प्रस्ताव को अमान्य कर दिया गया. विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर कहा कि सरकार अपने मूल बजट का अबतक मात्र 44 प्रतिशत ही खर्च कर पायी है. अनुपूरक बजट का कोई मतलब ही नहीं रह जाता. सरकार को हर बार राशि सरेंडर करनी पड़ती है. 2016-17 में सरकार ने लगभग 13 हजार करोड़ की राशि सरेंडर की थी,  वहीं 2017-18 में सरकार ने करीब 15 हजार करोड़ की राशि सरेंडर की.  उन्होंने कहा कि सरकार ने अबतक जितनी राशि सरेंडर की है, उतने में तो एक वित्तीय वर्ष का बजट हो जाता.

सदन में छाये रहे युवा विधायक कुणाल और अमित

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विधानसभा में आज दो युवा विधायक झामुमो के कुणाल षाडंगी और भाजपा के अमित मंडल छाये रहे. अपने कार्यकाल का इन्होंने आज सदन में मेडन स्पीच दिया. अमित मंडल ने अनुपूरक बजट के समर्थन में कहा कि सरकार सरकार दिखाई देने वाले काम तो कर ही रही है, साथ ही इंटैंजीबल डेवलपमेंट पर भी काम कर रही है. कहा कि सरकार विकास के कार्य के साथ युवाओं को हुनर देने का काम भी कर रही है. हाथी में पंख क्यों है, बकरी में पंख क्यों नहीं है जैसी फिजूल बात करने का कोई औचित्य ही नहीं है. वहीं झामुमो के युवा विधायक कुणाल षाडंगी ने आज सरकार की कई खामियां गिनायीं. उन्होंने कहा कि पहले स्कूल खुलवाने के लिए बैठकें होती थीं, अब बंद करने के लिए बैठकें होती है. झारखंड की विकास स्थिति का अंदाजा आप लगा सकते हैं कि देश में 29 राज्यों में 26वें स्थान पर है.

बाल्या सोरेन को कौशल विकास से नहीं बीआईटी से मिली नौकरीः कुणाल षाडंगी

स्किल समिट के दौरान जिस बाल्या सोरेन को 11 लाख का पैकेज टाटा स्टील में देने की बात सरकार कर रही है, वो बाल्या सोरेन बहरागोड़ा विधानसभा का लड़का है. वो बीआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र रहा है. उसे कौशल विकास के माध्यम से जो नौकरी देने का वादा किया गया है वो झूठा है. बाल्या को बीआईटी के प्लेसमेंट सेल के जरीए नौकरी मिली है. उसने स्वयं भी इस बात को स्वीकारा है. सरकार बुनकरों के विकास की बात करती है, तो बताये कि कितने कंबल जो बांटे गये, उसे बुनकरों ने बनाया है. कुणाल ने मांग की कि सरकार किसी भी बड़े निर्णय लेने से सर्वदलीय बैठक करे ताकि सकारात्मक रिजल्ट सामने आये.

सरकार को लूट की छूट नहीं दे सकतेः प्रदीप यादव

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साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

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कटौती प्रस्ताव के दौरान प्रदीप यादव ने भी अपनी बातों को गंभीरता से रखा. उन्होंने कहा कि पंचायत सेवक की गड़बड़ी पर जेल भेज देते हैं, पर अभी तक कंबल घोटाले की अभियुक्त पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. 256 करोड़ में बनने वाले हाइकोर्ट को 700 करोड़ का कर दिया. उन्होंने कहा कि हम कटौती प्रस्ताव इसलिए लाये हैं क्योंकि लूट की छूट हम नहीं दे सकते. सरकार अनुपूरक बजट बस इसलिए लाती है कि वो लूट सके. भारी वित्तीय अनियमितता हो रही है.

नौ महीना कछुवा की चाल चलने वाले, तीन महीने में खरगोश कैसे हो जाएंगेः भानु प्रताप

भानू प्रताप शाही ने कहा कि सरकार हर बार एक बड़ी राशि सरेंडर करती है. जो सरकारी मशीनरी नौ महीने तक कछुए की चाल चल रही थी वो अचानक खरगोश की स्पीड में कैसे काम करेगी. राज्य में 4700 से अधिक स्कूलों का विलय होना दुर्भाग्य का विषय है. साथ ही आयुष्मान भारत से  झोलाछाप डॉक्टरों ने भी अपने क्लीनिक को जोड़ लिया है. मरीजों को पहले कहते है कि आयुष्मान से ईलाज हो जाएगा. भर्ती करने के बाद मरीजों से पैसा ले लेते हैं. भानू प्रताप ने पलामू में विशेष सिंचाई व्यवस्था करने की मांग की.

किस विभाग को कितनी राशि

कृषि, पषुपालन एवं सहकारिता विभाग. 57,01,04,000, भवन निर्माण विभाग 37,05,00,000, मंत्रिमंडल, सचिवालय एवं निगरानी 10, 000,00, ऊर्जा विभाग दो अरब 75 करोड़ पांच लाख, उत्पाद एवं मद्य निषेद्य विभाग 67 लाख 82 हजार,  खाद सार्वजनिक वितरण 50 करोड़ 53 लाख 50 हजार. वन पर्यावरण एवं जलवायु 47 करोड़ 39 लाख 47 हजार. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग दो अरब 95 करोड़ 7 लाख, सूचना जनसंर्पक 11 करोड़ दो लाख 44 हजार. श्रम नियोजन 49 लाख 37 हजार, विधि विभाग 2 करोड़ 81 लाख 50  हजार. योजना सह वित्त विभाग दो करोड़ 94 लाख 27 हजार, पेयजल स्वच्छता 4 करोड़ दस लाख पैंसठ हजार. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग दो करोड़ 35 लाख तीस हजार, उच्च तकनीकि शिक्षा एक करोड़ 60 लाख 60 हजार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवर्नेंस विभाग 4 करोड़ 8 लाख 4 हजार, पर्यटन कला संस्कृति 73 लाख, कल्याण विभाग 22 करोड़ 24 लाख 35 हजार, कला संस्कृति 12 लाख 90  हजार, ग्रामीण विकास विभाग 7 अरब 35 करोड़ 54 लाख. महिला बाल विकास एवं सुरक्षा विभाग 82 करोड़ 19 लाख.

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