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सीसीएल, रेलवे, पुलिस व ट्रांसपोर्टरों के सिंडिकेट ने 36 हजार टन जब्त कोयला पावर कंपनियों को भेजा

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Surjit Singh

Trade Friends

Ranchi: हजारीबाग में कोयले के अवैध कारोबार का खेल सिर्फ ट्रक व सड़क तक ही सिमित नहीं रहा. अब इसमें रेलवे भी शामिल हो गया है. अवैध ही नहीं प्रशासन द्वारा जब्त किये गये कोयले को भी रैक के जरिये पावर कंपनियों को भेज दिया जा रहा है.

ताजा मामला हजारीबाग के कटकमसांडी कोल साइडिंग (रेलवे की भाषा में साइडिंग का नाम KKAS) है. कटकमसांडी से रेलवे साइडिंग से अप्रैल माह के पांच तारीखों को 09 रैक (प्रति रैक 36,000 टन कोयला लोड होता है) कोयला पावर कंपनियों को भेजा गया है. दस्तावेजों के मुताबिक, यह अवैध काम सीसीएल, रेलवे, पुलिस और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है.

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उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, 30 जनवरी को हजारीबाग के सदर एसडीओ ने कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान एसडीओ ने कोयला लदा 4 हाईवा, 3 पेलोडर और करीब एक लाख टन कोयला (खनन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार) जब्त किया था. जब्त कोयला में आधा से अधिक कोयला मां अंबे कंपनी का था.

यह कंपनी एनटीपीसी के लिये कोयला की ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है. शेष कोयला रुद्रा कंस्ट्रक्शन, मानस हंस और कुमार इंटरप्राइजेज कंपनी की है.

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मुकदमे की अंतिम सुनवाई 9 फरवरी को हुई

इस छापेमारी को लेकर हजारीबाग डीसी की अदालत में एक मुकदमा (वाद संख्या-10/2019) शुरु किया गया. जिसकी अंतिम सुनवाई 9 फरवरी को हुई. जिसमें यह आदेश दिया गया कि कोयला भंडारण और रैक में कोयला लोडिंग का काम, तभी शुरु किया जाये, जब संबंधित पक्षों द्वारा प्रावधानों को पूरा कर लिया जाये.

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आदेशों के अनुपालन के लिये एक कमेटी की भी गठन किया गया, जिसमें सदर एसडीओ, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, कटकमसांडी अंचल अधिकारी, कटकमसांडी थाना प्रभारी और प्रदूषण विभाग के प्रतिनिधि को शामिल किया गया.

साफ है कि जो कोयला जब्त किया गया, वह अब भी जब्त है. और जब तक डीसी की अदालत का नया आदेश जारी नहीं होता, तब तक वहां कोयले का भंडारण नहीं किया जा सकता और ना ही रैक में कोयला की लोडिंग ही की जा सकती है.

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लेकिन डीसी की अदालत के आदेश के बिना कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के कोल साइडिंग से कम से कम 9 रैक कोयला (36,000 टन) विभिन्न पावर कंपनियों को भेजा गया.

सीसीएल, रेलवे, पुलिस व ट्रांसपोर्टरों के सिंडिकेट ने 36 हजार टन जब्त कोयला पावर कंपनियों को भेजा
10 अप्रैल 2019 को 02 रैक भेजा गया
सीसीएल, रेलवे, पुलिस व ट्रांसपोर्टरों के सिंडिकेट ने 36 हजार टन जब्त कोयला पावर कंपनियों को भेजा
24 अप्रैल 2019 को एक रैक कोयला भेजा गया

किस रेलवे साइडिंग से कितने टन कोयला की ट्रांसपोर्टिंग की गयी, इसकी पूरी जानकारी www.fois.indianrail.gov.in पर उपलब्ध है. इसके मुताबिक, कटकमसांडी रेलवे साइडिंग से 10 अप्रैल 2019 को 02 रैक, 12 अप्रैल 2019 को 02 रैक, 13 अप्रैल 2019 को 04 रैक और 24 अप्रैल 2019 को एक रैक कोयला लोड करके क्रमशः NTPC, MBPR, NTPC और DBPL कंपनी को भेजा गया.

जारी………

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