न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दागी पुलिस अफसरों के हवाले राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था

इश्कबाजी व फर्जी शराब कांड में फंसे इंस्पेक्टर को हटाने की अनुशंसा

355

Ranchi: राजधानी रांची में एक तरफ जहां एसएसपी अनीश गुप्ता ने राजधानी में ड्यूटी के दौरान इश्कबाजी और फर्जी शराब कांड में फंसे इंस्पेक्टर को रांची जिला पुलिस बल से हटाकर दूसरे स्थान पर पोस्टिंग करने की अनुशंसा पुलिस मुख्यालय से की है. वहीं दूसरी तरफ कई दागी पुलिस ऑफिसर राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं. ये ऐसे पुलिस अफसर हैं जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं. एक के ऊपर तो निर्दोष को जेल भिजवाने का आरोप है, तो दूसरे के ऊपर कोयला माफियाओं के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगा है.

इसे भी पढ़ा: डीसी साहब! इस वीडियो को देखने के बाद भी कहेंगे कि पाकुड़ में नहीं हो रहा है अवैध बालू उठाव

JMM

निलंबित हुए इंस्पेक्टर की दूसरे स्थान पर पोस्टिंग करने की की गई अनुशंसा

ड्यूटी के दौरान इश्कबाजी फंसे जगन्नाथपुर ट्रैफिक थाना के पूर्व थानेदार मिथिलेश कुमार और फर्जी शराब कांड में फंसे डोरंडा पूर्व थाना प्रभारी आबिद खान, पूर्व धुर्वा थाना प्रभारी तारकेश्वर राम और और तुपुदाना ओपी के पूर्व प्रभारी को एसएसपी अनीश गुप्ता के द्वारा रांची पुलिस बल से हटाकर पुलिस मुख्यालय से दूसरे जगह पोस्टिंग करने की अनुशंसा की गई है.

इसे भी पढ़ें: 513.42 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी नहीं बने 167 चेक डैम, विधायकों की अनुशंसा पर फिरा पानी

पुलिस अधिकारियों के ऊपर है गंभीर आरोप

राजधानी रांची को क्राइम फ्री बनाए जाने की योजना को रांची पुलिस के ही कुछ अफसरों के ऊपर है. जिन अफसरों पर अपराधियों पर नकेल कसने की जिम्मेवारी है. वहीं कानून से खिलवाड़ कर निर्दोषों को जेल भेजने का काम कर रहे हैं. सबसे हैरत की बात तो है कि ये अधिकारी हाल में ही रांची में तैनात किए गए हैं.

Related Posts

लघु कुटीर बोर्ड ने मार्च 2018 से कर्मियों को नहीं दिया ट्रैवल एक्सपेंस, CEO ने कहा- चल रही कार्रवाई, जल्द मिलेगा बकाया

28 ब्लाॅक संयोजकों ने लचर व्यवस्था के कारण छोड़ा काम, 30 हजार ग्राम संयोजकों के लिये आवंटित एक करोड़ अब तक नहीं मिला.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में सक्रिय कुख्यात मानव तस्कर प्रभा मुनि ने कबूला अपना जुर्म, भेजी गयी जेल

एक के ऊपर है निर्दोष को जेल भेजने आरोप

रांची के हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर शराब माफिया के साथ मिलकर हटिया के ही रहने वाले दो निर्दोष व्यक्तियों को झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजने का आरोप है. मामला सामने आने के बाद आनन-फानन में जांच करवाकर दोनों निर्दोष युवकों को जेल से बाहर निकाला गया. फर्जी शराब कांड में शामिल तीन थाना प्रभारियों जिसमें धुर्वा डोरंडा और तुपुदाना के प्रभारी शामिल थे, उन्हें तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया. लेकिन, हटिया डीएसपी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. जबकि पीड़ित परिवार वालों के अनुसार और पुलिस के रिपोर्ट में फर्जी शराब कांड की पूरी साजिश रचने का मास्टरमाइंड हटिया डीएसपी को ही बताया गया है.

कोयला माफिया से सांठगांठ करने का आरोप

दूसरा मामला सिटी डीएसपी के पद पर कोयला माफिया से सांठगांठ के आरोपों को झेल रहे डीएसपी प्राण रंजन कुमार हैं. डीएसपी प्राण रंजन कुमार पर रामगढ़ के गोला थानेदार रहते हुए कोयला माफिया को सहयोग करने, जांच को प्रभावित करने के साथ-साथ केस को कमजोर करने का आरोप है. इतने गंभीर आरोपों के बाद भी प्राण रंजन की पोस्टिंग सिटी डीएसपी के पद पर कर दी गई.

कई थाना के पुलिसवालों के खिलाफ चल रही है जांच

कई थाना के पुलिसवालों के खिलाफ चल रही है जांच शराब कांड में नाम आने के बाद रांची धुर्वा, डोरंडा और तुपुदाना थाना प्रभारी को तुरंत पुलिस लाइन भेज दिया गया था. लेकिन, शहर के कई महत्त्वपूर्ण थानों में कार्यरत पुलिसकर्मियों पर भी कई गंभीर आरोप हैं. जिसकी जांच चल रही है. कई के ऊपर मामले सही भी पाए गए हैं लेकिन, इसके बावजूद वे अभी भी थानों में तैनात हैं. रांची के नामकुम, कांके और रातू थाने में कार्यरत कई पुलिस अफसरों पर जमीन कारोबारियों से सांठगांठ के आरोप हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like