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गैरमजरूआ जमीन को वैध बनाने का चल रहा खेल, राजधानी के पुंदाग में खाता संख्या 383 की काटी जा रही लगान रसीद

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Pravin kumar

Ranchi: राजधानी रांची में जमीन की गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है. जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. एक मामला फिर सामने आया है. नगड़ी अंचल के पुंदाग मौजा के खाता संख्या 383 की गैरमजरूआ जमीन की दलालों और राजस्वकर्मियों ने मिल कर अवैध बंदोबस्ती कर ली है. कुल जमीन 431 एकड़ है. राजस्व सचिव केके सोन ने जांच के बाद 165 लोगों की बंदोबस्ती रद्द करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद लगान रसीद काटी जा रही है. 1953-54 से 2014-15 तक की बकाया मालगुजारी रसीद (लगान रसीद) धड़ल्ले से काटी जा रही है.

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क्या है मामला

नगड़ी अंचल के पुंदाग मौजा की गैरमजरूआ जमीन की दलालों और राजस्वकर्मियों ने सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बंदोबस्ती करायी है. इसके बाद प्लॉटिंग कर जमीन की बिक्री की जा रही है. जो जमीन बेची जा रही है, वह पथरीली जमीन है. इसमें छोटे-छोटे पथरीले टीले भी मौजूद हैं.

कैसे की गयी गैरमजरूआ भूमि की बंदोबस्ती

पुदांग मौजा की जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई. दस्तावेज कुछ इस प्रकार बनाये गये, जिसमें रिकॉर्ड का वॉल्यूम 36 वर्ष 1945 में अंकित गैर मजरूआ जमीन को वॉल्यूम 23 वर्ष 1979 में बदल कर कब्जा दिखाया गया. ताकि दोनों दस्तावेज एक दूसरे के पूरक दिखें.

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सरकारी जांच में प्रमाणित हो चुका है खेल

दस्तावेज का थंब इंप्रेशन रजिस्टर से मिलान करने पर पाया गया कि विक्रेता का नाम पंजी से मैच नहीं कर रहा था. मैच नहीं करनेवाले दस्तावेज में 4 दस्तावेज पुंदाग मौजा के खाता संख्या 383 गैरमजरूआ खाता से हैं. पुंदाग मौजा की खाता संख्या 101, 256, 43, 141 आदिवासी खाते की भूमि है. आदिवासी खाते की भूमि के विक्रेता वही लोग हैं, जिन्होंने वॉल्यूम 36 वर्ष 1945 में आदिवासी खाते की भूमि की स्थायी बंदोबस्ती तथाकथित जमींदार से प्राप्त किया था.

जमाबंदी रद्द करने के आदेश के बाद भी कट रही लगान रसीद

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जमाबंदी रद्द करने के आदेश के बाद भी कट रही लगान रसीद

पुंदाग मौजा की गैरमजरूआ जमीन की लगान रसीद निर्गत पर रोक होने के बावजूद गोंदू महतो के खाता संख्या 383 खेसरा संख्या 462 रकबा दो एकड़ 31 डिसमिल की लगान रसीद 1953-1954 से 2014-2015 तक काटी गयी. जिसकी मालगुजारी दो हजार चार सौ बीस रूपया पचास पैसा ली गयी. मालगुजारी 18.08.2018 को कटायी गयी.

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सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं

पुंदाग मौजा की जिस जमीन की जमाबंदी रद्द करने को कहा गया था, उसे वैध बनाने के लिए राजनीतिक दबाब की बात समाने आ रही है. जिस कारण अब तक अवैध बंदोबस्ती को रद्द नहीं किया गया है. अगर अवैध बंदोबंस्ती रद्द हो जाती तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा का मुकदमा चलता। यह प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हुई है।

क्या कहते हैं नगड़ी के अंचल अधिकारी

पुंदाग मौजा की खाता संख्या 383 जीएम लैंड की रसीद कटने के सवाल पर नगड़ी सीओ का कहना है कि लगान रसीद अंचल कार्यालय निर्गत नहीं करता. रसीद प्रज्ञा केंद्र से कटयी जाती है. दो-तीन महीने पहले ही जीएम लैंड का लॉक खोला गया है. जिसके बाद से ऐसे बंदोबस्त जमीन की रसीद कटने लगी है. पुंदाग मौजा के खाता संख्या 383 के अधिकतर लोगों की रसीद काट ली गयी है. जितने मामले संज्ञान में आ रहे हैं सभी की रसीद को पुन: लॉक कर दिया जा रहा है.

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क्या था राजस्व सचिव का निर्देश

राजस्व सचिव केके सोन द्वारा जारी किये गये निर्देश के अनुसार कहा गया था कि जांच दल के प्रतिवेदन में दाखिल खारिज के आधार पर कई आम जमाबंदी को नियम के अनुसार रद्द करने की कार्रवाई प्रारंभ की जाये. जो मामले उच्च न्यायालय में लंबित हैं एवं कोई स्थगन आदेश अथवा कोई अन्य आदेश पारित नहीं है, उन मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की जाये तथा जिन मामलों में कोई स्थगन आदेश अथवा कोई अन्य आदेश पारित है, उन मामलों में आदेश का अध्ययन कर पुन: साक्ष्य के साथ सरकार का पक्ष उच्च न्यायालय में रखते हुए उच्च न्यायालय का अंतरिम आदेश प्राप्त करने हेतु कार्यवाही की जाये. प्रतिवेदित 165 व्यक्तियों के नाम से चल रहे अवैध जमाबंदी एवं नामांतरण के लिए उत्तरदायी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाये यदि इसके अतिरिक्त भी कोई मामला प्रकाश में आता है तो उन मामलों के अनुसार कार्रवाई की जाये.

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