न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#DoubleEngine सरकार में बेबस छात्र- 7: केमिस्ट और जियोलॉजिस्ट की नियुक्ति 3 साल में भी नहीं हो सकी पूरी, संशय में छात्र

381

Ranchi: डबल इंजन की रघुवर सरकार में छात्रों की बेबसी का आलम यह है कि छात्र नौकरी की आस में तीन-चार सालों से बैठे हैं. इस डबल इंजन वाली सरकार में नौकरी के लिए विज्ञापन तो निकाला गया पर नियुक्तियां हुई नहीं.

प्रक्रिया लटकी ही रही. कहीं परीक्षा की प्रक्रिया विज्ञापन और आवेदन तक ही सीमित रही तो कहीं परीक्षा हो जाने के बाद की प्रक्रिया अधर में है.

इसे भी पढ़ें – “कर लो दुनिया मुट्ठी में” के बाद अंबानी घराने का “जियो दन दना दन…” के Condition Apply में देश फंसा तो नहीं!

Trade Friends

डबल इंजन की सरकार ने जनवरी 2017 में केमिस्ट और जियोलॉजिस्ट के पदों के लिए नियुक्ति निकाली थी. दो साल के बाद साल 2018 में परीक्षा का अयोजन भी किया गया, पर रिजल्ट आज तक नहीं आ पाया है. छात्र सरकारी नौकरी मिलने के लिए जेपीएससी और सरकार की आस में बैठे हैं.

इसे भी पढ़ें – कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स के भरोसे 2005 से राज्य में संचालित कस्तूरबा स्कूल, कक्षाएं बढ़ी लेकिन नहीं हुआ पद सृजन

परीक्षा के एक साल बाद जारी किया गया आंसर की

केमिस्ट और जियोलॉजिस्ट के 26 पदों के लिए जुलाई 2018 में परीक्षा का अयोजन किया गया था. परीक्षा का आयोजन दी गयी तिथि के दो साल के बाद किया गया था.

परीक्षा जुलाई 2018 में हुई थी. परीक्षा के बाद जहां छात्र रिजल्ट के इंतजार में हैं, एक साल के बाद आंसर की जारी कर छात्रों से आपत्ति मांगी गयी है.

अमूमन परीक्षा के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आंसर की जारी कर दिया जाता है. वहीं एक साल बीत जाने के बाद आंसर की जारी किया गया है, तो यह समझ पाना छात्रों के लिए मुश्किल हो रहा है कि कितने और दिनों में रिजल्ट का प्रकाशन किया जायेगा.

इस महीने के अंतिम सप्ताह में चुनावी आचार संहिता जारी होने के बाद रिजल्ट के प्रकाशन की उम्मीद काफी कम है.

जेपीएससी और विभाग के फेर में फंसेगा छात्रों का भविष्य

मीडिया में आयी खबरों के हिसाब से जेपीएससी का कहना है कि जेपीएससी नियुक्ति करने को तैयार है पर विभाग रिक्ति की जानकारी दे ही नहीं रहे हैं.

विभाग को अपने यहां खाली पदों की जानकारी कार्मिक को सौंपनी है, जिसे जेपीएससी के पास नियुक्ति के लिए भेजा जाता है, पर विभाग अपनी रिक्ति की जानकारी मुहैया नहीं करा पा रहे हैं. ये एक बात. दूसरी बात ये कि जेपीएससी ने जितनी नियुक्तियों को फंसा कर रखा है वो क्यों नहीं पूरा हो रहा, यह तो जेपीएससी ही बता पायेगा. इन सब से जिसको सबसे अधिक नुकसान हो रहा है, वो छात्र हैं जिनका महत्वपूर्ण समय और उम्र बीत रही है.

इसे भी पढ़ें – कागजों में झारखंड हुआ #ODF, अब 1095 युवओं की जायेगी नौकरी

SGJ Jewellers

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like