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#MenToo अभियान के तहत पुरुषों ने कहा- झूठे इल्जाम में फंसने से बुरी तरह टूट जाते हैं

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NewsWing Desk : मी टू की तर्ज पर 15 लोगों के एक समूह ने मैन टू आंदोलन की शुरुआत की. ताकि पुरुष इस आंदोलन के तहत महिलाओं के हाथों अपने यौन शोषण के बारे में खुलकर बोलें.

रिश्तों में घुलती कड़वाहट जाने कब कौन-सा रूप धारण कर ले कहा नहीं जा सकता. ऐक्टर करण ओबरॉय पर रेप और सीजेआई रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों के बाद से पुरुषों के अधिकारों के लिए आवाज उठने लगी है.

अब #MenToo कैंपेन शुरू हुआ तो ऐसे बहुत से लोग सामने आ रहे हैं, जो किसी न किसी वजह से प्रताड़ना का शिकार हुए हैं. हाल में ही दिल्ली आए इन पुरुषों ने सुनाया अपना सच.

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मां-बाप खोए, सम्मान भी गया

ऐसे मामलों के कई पीड़ित आज भी अपने साथ हुए इस व्यवहार के बाद खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहे हैं. अपनी आप बीती सुनाते हुए सुनील (बदला हुआ नाम) के आंसू छलक आते हैं. सुनील बताते हैं कि 50 साल की उम्र में मुझपर एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया. आरोप था कि मैंने उसके खाने में नशीली चीज मिलाई, उसके बाद रेप किया और विडियो बनाया.

उसका कहना था कि मैंने विडियो दिखाकर उसको और उसके बेटे को डराकर फिर रेप किया. मामला अदालत में गया, वहां मोबाइल से लेकर लैपटॉप तक की जांच हुई. सब चीजें सामने आने के बाद मामला झूठा पाया गया और मुझे बरी कर दिया गया. लेकिन इस सब में मैंने अपने पिता को खो दिया. यह सब होने के बाद, मैंने अब तक अपने पिता की तेहरवीं नहीं की है. मेरी डिटेक्टिव एजेंसी थी, अब सब कुछ खत्म हो चुका है.

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क्या हमारा कोई अस्तित्व नहीं है

नवीन (बदला हुआ नाम) बताते हैं, मेरी शादी 2016 में हुई थी और शादी के 10 दिन बाद ही मेरी वाइफ ने घर से अलग होने की रट लगानी शुरू कर दी. कई बार वह मुझे चाकू तक मार चुकी है. मैंने इस बारे में कई बार शिकायत की, डीसीपी ऑफिस गया. वह महिला आयोग चली गई.

लेकिन मेरी कहीं सुनवाई नहीं हुई. मुझे हर महीने 20 हजार रुपये मेन्टेनेंस के तौर पर देने पड़ते हैं. ऐसे में हमारी सुनवाई के लिए भी कोई तो हो. कई लोगों का कहना था कि अगर महिला से लेकर बच्चे की शिकायतों के लिए कोई न कोई व्यवस्था है, जानवरों तक के लिए मंत्रालय है, तो क्या हम इस लायक भी नहीं है. क्या हमारा कोई अस्तित्व और सम्मान नहीं है?

अकेलेपन में कट रही जिंदगी

कई अनुभव व्यक्ति को अकेला कर जाते हैं. पार्टनर के ऐसे व्यवहार के साथ कानूनी लड़ाई किसी के लिए भी आसान नहीं होती. फरीदाबाद के कमल कुमार (बदला हुआ नाम) बताते हैं, ‘हमारी शादी 2010 में हुई और 2017 में केस हुआ.

उसका किसी से अफेयर था, मैंने कहा कि चलो जो था ठीक है, अब ठीक से रहो. लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ. उसने मेरे और मेरे परिवार पर केस दर्ज कर दिया. मेरे माता-पिता की तो बेल हो गई है लेकिन मेरा मामला चल रहा है.

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15 साल बाद रिश्ते में आई दरार

ऐसा नहीं है कि ऐसे मामले सिर्फ नए-नए संबंधों से जुड़े हुए हैं. कई मामलों में सालों तक रिश्ता चलने के बाद उसका अंत कोर्ट तक पहुंच गया. संजीव (बदला हुआ नाम) बताते हैं कि आज कोर्ट में हमारी कोई सुनवाई नहीं है.

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आज अगर कोई लड़की छेड़छाड़ का आरोप लगा दे, तो वह व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता. मेरे ऊपर मेन्टेनेंस का केस चल रहा है. मेरी वाइफ शादी के बाद पत्नी की ज़िम्मेदारी नहीं निभाना चाहती थी, सास ससुर नहीं चाहती, लेकिन उसे अपने लिए सारे अधिकार चाहिए. वह काफी पढ़ी लिखी है, खुद अच्छा कमाती है, लेकिन फिर भी मुझे मेंटेनेंस के तौर पर उसे 9 हजार हर महीने देने पड़ते हैं.

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जब वह खुद पैसे कमाती है, तो वह मेरे दिए पैसे कहां खर्च करेगी. मेरी एक बेटी है, मुझे उससे मिलने नहीं दिया जाता. मेरे पापा लकवे से पीड़ित हैं और मां भी बीमार है, ऐसे में मैं जॉब नहीं कर पा रहा हूं. शादी के 15 साल तक मैं ठीक था. लेकिन आज मैं उसके लिए खराब हो गया.

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मुझसे कहा फांसी लगा लो

ऐसे कई मामलों को सुनने के बाद, हर कोई अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने की कोशिश करता है. हरीश (बदला हुआ नाम) ने भी ऐसा ही कुछ करने की कोशिश की. हरीश बताते हैं कि मेरी शादी 2016 नवंबर में हुई थी. पांच से छह महीने के बाद वह अपने घर चली गयी.

अक्टूबर 2017 में मेरी सास की कॉल आई और वह मुझे बोली कि तू फांसी लगा ले और अपने माता-पिता को भी फांसी पर लटका दे. इसकी मेरे पास ऑडियो रिकॉर्डिंग है. जब मैं उसको लेने गया तो मैंने हिडन कैमरा लगाया था, उस दिन लड़की की मां कहती है अपनी बेटी से कि तू विमन सेल में जा और कह कि मेरे सास-ससुर मारते हैं, मुझे रोटी नहीं देते, दहेज मांगते हैं और मुझे मारपीट कर घर से निकल दिया.

लड़की मुझसे कहती है कि तुम भी अपने माता-पिता के लिए कहना कि उन्होंने मुझे भी मारपीट कर निकाल दिया, ताकि वे समझें कि लड़का भी हमारे साथ नहीं है. उसने मेरे भाई पर भी रेप का आरोप लगाया है. वह सरकारी जॉब करती है, लेकिन मेन्टेनेंस मांगती है.

साभार : नवभारत टाइम्स में छपी गौरव खड़े की रिपोर्ट के मुताबिक.

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