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अंडरग्राउंड केबलिंग का काम हो गया अंडरग्राउंड, फ्यूज हो गया 24 घंटे बिजली सप्लाई का दावा

395 करोड़ का है प्रोजेक्ट

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Ranchi : राज्य के मुख्यमंत्री ने जीरो पावर कट का दावा किया था, जो फेल हो चुका है. निर्बाध बिजली सप्लाई देने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग के 395 करोड़ का प्रोजेक्ट पाॅलिकैब एजेंसी को सौंपा गया था. पर रांची में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम अब खुद अंडरग्राउंड हो गया है. कंपनी ने दो साल में अबतक 35 से 40 प्रतिशत तक का ही काम किया है. इस काम को मार्च में ही पूरा कर लिया जाना था, जिसे जुलाई खत्म हो जाने के बाद भी खत्म नहीं किया जा सका है. इससे पहले इसे पूरा किये जाने की अंतिम तिथि सितंबर 2017 ही थी. पाॅलीकैब को इससे पहले भी दो एक्सटेंशन दिया जा चुका है. पाॅलीकैब एजेंसी का कहना है कि ज्रेडा हमें मैप के हिसाब से सड़क पर काम करने देने को तैयार नहीं था इस वजह से काम में देरी हुई है. वहीं काम समय से पूरी नहीं होने के वजह से मुख्यमंत्री ने ब्लैक लिस्टेड कर देने की बात कही थी.

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बनने थे 10 पावर स्टेशन, अबतक बने चार

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रांची में अंडरग्राउंड केबलिंग के काम को सुचारू रुप से नियंत्रित करने के लिए पूरे रांची में 10 पावर स्टेशन बनने थे. जिसमें से अब तक चार ही हो पाएं हैं. सदाबहार चौक, पंडरा, सेल टाउनशिप, र्साइंस सेंटर में पावर स्टेशन बन चुका है और चालू हो गया है, पर अन्य छह पावर स्टेशन बनने का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. अन्य छह ओरमांझी, पिठोरिया, हटिया, कुसई, धुर्वा और कांके में बनने हैं.

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लगने थे एरियल बंच केबल

अंडरग्राउंड केबलिंग के काम में एरियल बंच केबल लगना था. जिससे केबल कटने और किसी तरह के पावर डिफाॅल्ट होने की स्थिति में संबंधित जोन की ही बिजली आपूर्ति बाधित होगी, और उसे तुरंत ही ठीक किया जा सकेगा. वहीं एक जोन की बिजली आपूर्ति खराब या बाधित होने की स्थिति में दूसरे पावर स्टेशन की मदद से आपूर्ति की जा सकेगी.

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ज्रेडा ने मैप के हिसाब से रोड देने से इंकार कर दिया था. जिस वजह से काम तय समय पर पूरा नहीं किया जा सका है. अब हम अल्टरनेटिव रूट पर काम करेंगे. बिजली विभाग ने अल्टरनेटिव रूट बता दिया है हम उसपर ही काम करेंगे. सितंबर अंत तक हम काम पूरा कर लेंगे.

                                                                                     -राजेन्द्र प्रसाद ,प्रोजेक्ट मैनेजर, पाॅलीकैब एजेंसी

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