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शहरी जलापूर्ति योजना : काम समय पर पूरा नहीं होने पर काटी जायेगी प्रोजेक्ट कॉस्ट की दस प्रतिशत राशि

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Ranchi: राज्य सचिवालय प्रोजेक्ट भवन स्थित नये सभागार में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने केंद्र प्रायोजित अमृत योजना के तहत चल रही बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की.

इस समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से अमृत स्कीम के तहत चल रही शहरी पेयजल आपूर्ति योजना और सीवरेज स्कीम की प्रगति की समीक्षा करते हुए सचिव ने निर्माण कंपनियों को निर्देश दिया की वह समय पर काम पूरा करें.

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सचिव ने यह भी कहा कि अब उन्हें एक्सटेंशन नहीं मिलनेवाला अगर बार-बार एक्सटेंशन मांगेंगे तो प्रोजेक्ट कॉस्ट की 10% राशि काटी जायेगी.

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स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक शशि रंजन ने निर्माण कंपनियों को मैन पावर बढ़ाने और गैंग की संख्या  बढ़ाने का निर्देश दिया. कार्य को पूरा करने के लिए जो समय सीमा निर्धारित करते हैं उसके भीतर काम होना चाहिए.

उन्होंने सभी नगर निकायों को हर 15 दिन पर बैठक कर इन महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया. बैठक में रांची और धनबाद जलापूर्ति योजना फेज वन, चास, गिरिडीह, आदित्यपुर जलापूर्ति योजना के साथ-साथ आदित्यपुर सीवरेज योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. इसके साथ ही रांची स्मार्ट सिटी अंतर्गत निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की भी प्रगति की समीक्षा की गयी.

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बैठक में जो निर्णय लिये गये

  • डीपीआर के मुताबिक निर्माण कार्य को जमीन पर उतारने से पहले उसका 3D मॉडल प्रस्तुत किया जाये और वह मॉडल संबंधित शहर के नक्शे के अनुसार बनेगा.
  •  20 दिसंबर से पहले उन सभी योजनाओं का 3D मॉडल प्रस्तुत किया जाये जिन्हें शुरू किया जाना है.
  • अगर जलमीनार के लिए जगह नहीं मिल रहा है तो उसके चलते परियोजना के क्रियान्वयन में विलंब नहीं किया जाये. उसकी वैकल्पिक व्यवस्था की जाये या फिर कहीं दूसरी जगह चिन्हित कर उसका इस्तेमाल जिला प्रशासन से एनओसी प्राप्त कर किया जाये.
  • जमीन नहीं मिलने की स्थिति में 15 दिसंबर से पहले या तो साइट बदल दें या फिर वैकल्पिक जैसे पंप सेट लगा कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ायें.
  • भविष्य में सड़कों की चौड़ीकरण की संभावना को देखते हुए पाइप लाइन बिछाने की योजना पर काम करें ताकि फिर से पाइप और शिफ्ट नहीं करना पड़े. खास कर रांची, धनबाद और आदित्यपुर में वाटर सप्लाई और सीवरेज की योजना की एक साथ प्लानिंग हो.
  • आदित्यपुर में सीवरेज और वाटर सप्लाई का 3D मॉडल कंबाइंड बनायें.
  • विभिन्न विभागों से जुड़े जमीन और अन्य एनओसी के मुद्दों के समाधान को लेकर विभाग को अवगत करायें.
  • विभाग और स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी की ओर से सभी विभागों को पत्र लिख कर समस्या बतायी जाये. इसके साथ ही उन विभागों के साथ भी समन्वय के लिए एक बैठक की जाये.

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