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विस मॉनसून सत्र : राज्य अनुसूचित जाति आयोग विधेयक समेत चार विधेयक पास

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Ranchi : विधानसभा के मॉनसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामेदार रहा. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले. भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस लेने और युवा कांग्रेस पर हुए लाठी चार्ज जैसे मुद्दों पर सदन बाधित रहा. सदन के पहले सत्र में आज गुरुवार को सदन की कार्यवाही 45 मिनट चली, वहीं दूसरे सत्र में 22 मिनट तक सदन चलने के बाद विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया. इसी बीच चार विधेयक पारित कर दिये गये. इनमें से पहला विधेयक है नगर पालिका संशोधन विधेयक. इस विधेयक पर विचार करने की मांग के बाद इसे वापस लेने की बात कह विपक्ष के विधायक सदन से बाहर चले गये. उसके बाद उसे पारित कर दिया गया. वहीं, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया. दो अन्य विधेयक झारखंड मोटरवाहन करारोपण संशोधन विधेयक और बंगाल, असम और व्यवहार न्यायालय संशोधन विधेयक पारित हुए.

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दो विधेयकों को किया गया वापस

गुरुवार को सदन के दूसरे सत्र के दौरान जहां चार विधेयक पारित किये गये, वहीं दो विधेयकों को राज्यपाल ने वापस कर दिया. राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के प्रभारी मंत्री ने 28 जुलाई 2016 को सभा द्वारा पारित झारखंड वित्त विधेयक को वापस कर दिया है. भारत सरकार के आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा विधेयक में त्रुटियों के कारण इसे वापस कर दिया गया है. साथ ही, निजी नियोजन अभिकरण तथा घरेलू कामगार विधेयक 2016 को भी वापस कर दिया गया है.

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जारी रही भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस लेने की मांग

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विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी सदन में भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस लेने की मांग गूंजती रही. विपक्ष के नेता लगातार अंतराल में भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस लो और काला कानून वापस लो जैसे नारे भी लगाते रहे. गुरुवार को सदन के पहले सत्र के 43 मिनट में पूरे समय तक विपक्ष जमा रहा और हंगामा करता रहा. दूसरे सत्र के 17 मिनट के बाद विधेयक पारित होने के बीच में ही विपक्ष ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल राज्य के लिए काला कानून है और फिर वापस लेने की मांग के साथ सदन से पूरा विपक्ष वापस चला गया.

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राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग और विस्थापन आयोग बनाने की उठी मांग

सदन में राज्य अनुसूचित जाति आयोग के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद ही राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग और विस्थापन आयोग बनाने की मांग उठी. इस मांग पर सत्ता पक्ष के अन्य विधायकों ने सहमति जातायी. इसके अलावा निर्भय सहाबादी ने युवा आयोग बनाने की मांग की, जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग पहले से बना हुआ है, अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द ही हो जायेगी.

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