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देखें वीडियो- पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बरसायी लाठियां, थप्पड़ मारे

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Ranchi: करीब 44 दिनों से हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी सेविकाओं का मंगलवार को सब्र का बांध टूट गया. जिसका नतीजा सेविकाओं को बेतरतीब तरीके से भुगतना पड़ा. रांची के हथछुट्टे पुलिसकर्मियों ने अपना सारा गुस्सा महिलाओं पर निकाला.

एक बार भी उन्होंने कानून की नहीं सोची कि वो महिलाओं को हाथ नहीं लगा सकते.

देखें वीडियो-

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राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज किया गया है. थप्पड़ भी जड़े गये हैं. पकड़-पकड़ कर डंडे से मारा गया है. इसके बावजूद महिलाएं अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहीं थीं. वे थमना नहीं चाह रही थीं.

महिला पुलिसकर्मियों को क्यों नहीं तैनात किया गया

बर्बर रवैये के बावजूद जमीं हुई थीं. पुलिसकर्मी उन्हें पुलिसिया धौंस से लगातार डरा रहे थे. सरकार जानती थी कि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका सिर्फ महिलाएं हैं. प्रशासन को पता भी था कि ये सीएम आवास को घेरेंगी.

प्रशासन को पता था कि उन्हें रोकना है, तो फिर महिला पुलिसकर्मी तैनात क्यों नहीं किया गया. नहीं भी पता था तो क्या जितनी देर में पुरुष पुलिसकर्मी उन्हें रोकने आये, उन पर लाठीचार्ज करने आये उतनी देर में क्या महिला पुलिसकर्मी नहीं आ सकती थीं.

या ऐसा मान लिया जाये कि प्रशासन ने जानबूझ कर पुरुष पुलिसकर्मी को ही बुलाया. मीडिया में जारी विडियो में कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल एक महिला आंगनबाड़ी सेविका को थप्पड़ जड़ रहे हैं, डंटे से मार रहे हैं. साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं पर डंडे बरसाना कितना उचित है.

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ऐसा ही चलेगा तो कैसे कोई सरकार से अपना हक कैसे मांगेगा. क्या संविधान धरना प्रदर्शन का हक नहीं देता. क्या अपना हक मांगने पर महिलाओं को ऐसे ही पुरुष पुलिसकर्मियों से थप्पड़ और डंडे खाने पड़ेंगे.

महिला को पुरुष पुलिसकर्मी क्यों मारेंगे

पुलिस द्वारा बल प्रयोग वीडियो में साफ दिख रहा है कि इन महिला सेविकाओं पर महिला नहीं बल्कि पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग किया गया है. इस दौरान मीडिया से बातचीत में महिला सेविकाओं ने भी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि महिला सेविकाओं को पुरुषकर्मी दौड़ा-दौड़ा कर पीट कर रहे थे. आखिर हम सेविकाओं को पुरुष पुलिसकर्मी क्यों मारेंगे.

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इससे पहले धरने पर बैठी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका ने मंगलवार लगभग 3.00 बजे आक्रोशित होकर राजभवन के पास लगे बैरिकेड को तोड़ राजभवन गेट के पास पहुंच गयीं. इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया.

खबर लिखे जाने तक कई सहायिकों के घायल होने की सूचना है. किन्हीं को हाथ में चोट लगी है तो किसी को पैरों में. इससे आक्रोशित आंगनबाड़ी सेविकाएं लगातार सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रही हैं.

मांगों को लेकर 88,000 सेविकाएं कर रही हैं आंदोलन

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झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ये महिलाएं पिछले 21 अगस्त से आंदोलनरत हैं. राज्य में इनकी संख्या लगभग 88,000 है. सेविकाओं ने सरकार के समक्ष कई मांगों को रखा है. इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों का स्थायीकरण, जनवरी 2018 में हुए समझौते को लागू करना, मानदेय के स्थान पर वेतन देना, न्यूनतम वेतन लागू करना, समान काम के लिए समान वेतन सहित स्वास्थ्य बीमा देने की मांग है.

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