न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#Maharashtra में सरकार बनाने की कोशिशें जारी रखेंगेः नारायण राणे

249

Mumbai: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भाजपा, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की ओर से अलग-अलग प्रतिकिरयाएं सामने आयी हैं. हर किसी ने सरकार गठन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है.

राष्ट्रपति शासन पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा ‘राष्ट्रपति शासन दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन हमें उम्मीद है कि महाराष्ट्र को जल्द ही एक स्थिर सरकार मिलेगी.’

JMM

भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा कि हम 145 विधायकों को जुटाने की कोशिश में हैं. हम जब भी राज्यपाल से पास जायेंगे तो 145 का आंकड़ा लेकर जायेंगे. हमारी सरकार बनाने की कोशिशें जारी रहेंगी.

नारायण राणे ने किया दावा कि राज्य में बीजेपी ही सरकार बनायेगी. उन्होंने कहा, ‘मैं बीजेपी सरकार के लिए प्रयासरत हूं. महाराष्ट्र में हम सरकार बनायेंगे. जिसको जिसके साथ जाना है जाये. सरकार बनाने के लिए जो करना होगा, वह करेंगे.’

इसे भी पढ़ें – #EconomicSlowdown: एसबीआइ ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा- आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने की आशंका

हमने नहीं बीजेपी ने खत्म किया रिश्ताः उद्धव

इधर राष्ट्रपति शासन लगने के बाद शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ जाने का विकल्प हमने खत्म नहीं किया है. रिश्ता बीजेपी ने खत्म किया है. हमने बुरे समय में बीजेपी का साथ दिया है.

साथ ही उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रपति शासन के फैसले के खिलाफ कोई याचिका दायर नहीं की है. उद्धव ने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि हमने 3 दिन के लिए समय मांगा था राज्यपाल ने 6 महीने का समय दे दिया है.

उन्होंने कहा क केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ने के लिए अरविंद सावंत को पार्टी धन्यवाद देती है. सावंत कट्टर शिवसैनिक हैं. उनकी पार्टी को सम्मान नहीं मिला तो उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया.

Related Posts

#Kerala :  #RahulGandhi ने महिला विरोधी हिंसा के लिए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया

हर दिन हम पढ़ते हैं कि लड़कियों से दुष्कर्म हो रहा है, उनसे छेड़छाड़ की जा रही है. अल्पसंख्यक और दलित समुदायों के खिलाफ हिंसा के मामले भी बढ़े है.

अब तो राज्यपाल ने हमें 6 महीने का समय दे दिया है. अब हम तीनों (कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना) कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बातचीत करेंगे. अब तक सिर्फ शिवसेना ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. ऐसे में हमारा दावा अब भी बरकार है.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना से वक्त मांगा है. महबूबा मुफ्ती और बीजेपी सरकार बना सकते हैं तो हम भी सरकार बना सकते हैं.

इसे भी पढ़ें – #Education का निजीकरण क्यों न हो चुनावी मुद्दा? Govt ने नहीं खोला एक भी कॉलेज, मंत्री ने यूनिवर्सिटी व 4 कॉलेज खड़े किये

चुनाव नहीं चाहते, कोई जल्दबाजी भी नहीः एनसीपी-कांग्रेस

इधर एनसीपी-कांग्रेस की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा, हम दोबारा चुनाव नहीं चाहते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कोई जल्दबाजी नहीं है. पवार ने कहा, ‘सरकार कैसे बनाना है? सरकार की नीति क्या होगी? जब तक कांग्रेस-एनसीपी के बीच यह तय नहीं होगा, आगे बढ़ने का कोई मतलब नहीं.’

कांग्रेस नेता अहमत पटेल ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर कोई मतभेद नहीं है लेकिन शिवसेना ने हमारे साथ चुनाव नहीं लड़ा था इसलिए उनके साथ बातें तय होनी बाकी हैं.

उन्होंने कहा कि एनसीपी से बात करने के बाद ही हम शिवसेना से बात करेंगे. पहले एनसीपी और कांग्रेस में बात फाइनल होगी. जिस तरह से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है, उसकी मैं आलोचना करता हूं.

उन्होंने कहा कि  यह लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश है. कांग्रेस को सरकार बनाने का न्योता न देना राज्यपाल की गलती है. एनसीपी से बात किये बिना हम कोई निर्णय नहीं लेना चाहते थे.

इसे भी पढ़ें – #BJP को टाटा ट्रस्ट से 2018-19 में मिला 350 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like