न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन को वार्ता के लिए 16 अक्टूबर का समय दिया,  हड़ताल  स्थगित

झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को बुलायी गयी बैठक स्थगित कर दी गयी.वित्त सचिव के छुट्टी में होने के कारण वार्ता नहीं हो पायी,  

330

Ranchi :  झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को बुलायी गयी बैठक स्थगित कर दी गयी. हालांकि बैठक में मंत्री डॉ लुईस मरांडी उपस्थित थी,  लेकिन वित्त सचिव के उपस्थित नहीं होने के कारण बैठक स्थगित की गयी.

बैठक में कल्याण सचिव और विकास आयुक्त भी उपस्थित थे. बैठक स्थगित होने के बाद यूनियन को 16 अक्टूबर की तारीख दी गयी है. इस दिन यूनियन के प्रतिनिधि चार बजे वार्ता के लिए आयेंगे. बैठक में कल्याण सचिव ने यूनियन को आश्वस्त किया गया कि चयन मुक्त करने के आदेश को शुक्रवार से वापस लिया जायेगा.

जान लें कि इसके पूर्व जिला स्तर पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को चयन मुक्त किया गया था. जिसमें रांची से सात, गढ़वा से पांच, पलामू से तीन आंगनबाड़ी सेविकाओं को चयन मुक्ति पत्र दिया गया. जानकारी दी गयी कि 16 अक्टूबर की बैठक के बाद 17 अक्टूबर को यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक होगी. जिसमें वार्ता के अनुसार आगे की रणनीति तय की जायेगी. फिलहाल यूनियन की ओर से हड़ताल स्थगित कर दी गयी है.

Trade Friends

इसे भी पढ़ें : #JharkhandElection: 25 Oct से लेकर 5 Nov तक हो सकती है झारखंड में चुनाव की घोषणा, पार्टियां बड़ी रैली की तैयारी में

30 सितंबर की वार्ता विफल रही थी

30 सितंबर को कल्याण सचिव और विकास आयुक्त के साथ आंगनबाड़ी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी,  जो पूरी तरह विफल रही. यूनियन की मुख्य मांग मानदेय वृद्धि पर कोई सहमति नहीं बन पायी. जिसके बाद अधिकारियों की ओर से दस अक्टूबर का समय दिया गया. इस वार्ता में  सभी राज्यों में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को मिलने वाले मानदेय की समीक्षा के बाद  निर्णय लेने की बात थी.

तब तक अधिकारियों ने यूनियन से हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया. लेकिन आंगनबाड़ी यूनियन ने हड़ताल जारी रखी. हालांकि उस बैठक में वित्त सचिव को भी शामिल होना था,  लेकिन वे इस बैठक में भी शामिल नहीं हुए. तीनों  अधिकारी आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांगों के लिए गठित कमेटी में शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें : पलामू की दीप ज्योति ने #KBC में जीते 25 लाख, 50 लाख के सवाल पर कन्फ्यूज हो क्वीट किया गेम

27 सितंबर को समाप्त किया राजभवन के समक्ष दिया जा रहा धरना

21 अगस्त से राजभवन के समक्ष झारखंड प्रदेश आगंनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने धरना प्रदर्शन सह अनशन किया. धरना प्रदर्शन सह अनशन 27 सिंतबर को समाप्त किया गया,  लेकिन आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल जारी रही. इसके पहले जिला स्तर पर 16 अगस्त से आंदोलन शुरू किया गया था.

हड़ताल के क्रम में कुछ आंगनबाड़ी सेविकाओं को चयन मुक्त किया गया.  राज्य में आंगनबाड़ी सेविकाओं की कुल संख्या लगभग 88 हजार है. इसमें सेविका, सहायिका और पोषण सखी हैं. इनकी मुख्य मांग न्यूनतम मजदूरी है. हड़ताल से 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्र प्रभावित हुए हैं

इसे भी पढ़ें : राज्य में #InformationCommissioners के 9 पद रिक्त, Supreme court ने दिया था रिक्त पद भरने का निर्देश, सरकार उदासीन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like