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जिसकी गिरफ्तारी वारंट के लिए पुलिस ने कोर्ट में दिया है आवेदन, वो सीएम के साथ कर रहा है मंच साझा

अमित सिंह ने सीएम रघुवर दास के साथ मंच तक साझा किया.

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Ranchi :  रविवार को देवघर में बीजेपी युवा मोर्चा की बैठक थी. बैठक में बीजेपी के तमाम बड़े चेहरे मौजूद थे. बैठक में हिस्सा लेने के लिए सीएम रघुवर दास भी पहुंचे. बीजेपी के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह भी मौके पर मौजूद थे. अमित सिंह ने सीएम रघुवर दास के साथ मंच तक साझा किया.

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मंच साझा कर जवानों का मनोबल गिरा रहे हैं सीएम

अमित सिंह का सीएम के साथ मंच साझा करने के बाद अब पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पांडे ने सीएम पर आरोप लगाया है कि सीएम रघुवर दास पुलिस जवान की पिटाई करने वाले के साथ मंच साझा करते हैं.

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उन्होंने बताया कि अमित सिंह के खिलाफ अरगोड़ा थाना की ओर से कोर्ट में वारंट के लिए आवेदन तक दिया जा चुका है. लगातार तीन दिनों तक कोर्ट के बंद रहने की वजह से वारंट अभी तक नहीं मिल पाया है. ऐसे लोगों के साथ मंच साझा कर सीएम रघुवर दास पुलिस जवानों का मनोबल गिरा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भला एक पुलिस का जवान कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि जिन लोगों ने उनके साथी को ड्यूटी के दौरान बेरहमी से पीटा, उसे सीएम अपने बगल में बैठा रहे हैं. निश्चित तौर से इससे पुलिस की जांच प्रभावित होगी.

कहा कि एसोसिएशन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी, डीएसपी, एसएसपी और डीआइजी से भी बात की थी. सभी ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था. लेकिन अभी तक मामले को लेकर एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. ऐसा होना सीधे तौर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है.

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29 मार्च को अमित सिंह और उनके साथियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान को पीटा था

29 मार्च को बीजेपी कार्यालय में तैनात सिपाही शिवपूजन यादव की पिटाई पार्टी के युवा मोर्चा के नेताओं ने की थी. घटना को लेकर शिवपूजन यादव ने अरगोड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए अमित सिंह और उनके साथियों पर आइपीसी की धारा 147, 149, 341, 323, 332, 353 और 504 लगायी थी.

बताते चलें कि धारा 353 सरकारी काम में बाधा डालने वाले आरोपी पर लगाया जाता है. यह धारा ननबेलेबल सेक्शन में आता है. अरगोड़ा थाना के प्रभारी ने बताया कि अमित सिंह और उनके साथियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी कराने के लिए आवेदन दिया जा चुका है. कोर्ट बंद रहने की वजह से वारंट नहीं लिया जा सका है.

इससे पहले सीसीटीवी फुटेज की जांच की गयी थी. उसमें पिटाई करनेवाले कार्यकर्ताओं का नेतृत्व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह कर रहे थे. सिपाही के मुताबिक, 29 मार्च को उसकी ड्यूटी पार्टी कार्यालय में 12 बजे से लेकर तीन बजे तक दो नंबर गेट पर थी.

युवा मोर्चा के नेता जब गेट के पास पहुंचे, तब सिपाही ने उन्हें कार्यालय प्रभारी के आदेश से अवगत कराया. इसके बाद उक्त नेता आक्रोशित होकर सिपाही के साथ गाली-गलौज करने लगे. फिर मारपीट शुरू कर दी. सिपाही किसी तरह जान बचाकर गार्ड रूम की ओर भागा. पर भाजयुमो नेता नहीं माने, सिपाही को पटककर लात-घूंसों से मारने लगे.

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पुलिस की कार्यशैली पर उठते हैं सवालः राजेश ठाकुर

मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश ठाकुर ने कहा कि ऐसा आदमी जिसपर पुलिस के जवान को ड्यूटी के दौरान पीटने का आरोप है. जिसके खिलाफ पुलिस गिरफ्तारी वांरट के लिए कोर्ट में है, अगर वो सीएम के साथ मंच साझा करता है तो पुलिस की जांच निश्चित तौर पर प्रभावित होगी.

अगर पुलिस अमित सिंह को बस इसलिए गिरफ्तार नहीं कर रही है कि वो सीएम के साथ मंच साझा करता है, तो इस मामले पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए.

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